भारत में एलपीजी गैस का उपयोग हर घर में खाना पकाने के लिए किया जाता है। यह न केवल एक सुविधाजनक ईंधन है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अपेक्षाकृत सुरक्षित है। हाल ही में, एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव किया गया है, जिससे घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को राहत मिली है। इस लेख में हम एलपीजी गैस सिलेंडर के नए रेट, इसके प्रभाव और सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।
एलपीजी गैस की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, रुपये की विनिमय दर, और सरकारी नीतियों पर निर्भर करती हैं। पिछले कुछ महीनों में घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर रही है, जबकि व्यावसायिक सिलेंडर की कीमतों में मामूली बदलाव देखने को मिला है। आइए जानते हैं कि देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर के नए रेट क्या हैं और उपभोक्ताओं को इससे क्या लाभ मिलेगा।
एलपीजी गैस सिलेंडर के नए रेट का विवरण
शहर | घरेलू एलपीजी (14.2 किलो) | व्यावसायिक एलपीजी (19 किलो) |
---|---|---|
दिल्ली | ₹803 | ₹1,803 |
मुंबई | ₹802.50 | ₹1,755.50 |
कोलकाता | ₹829 | ₹1,913 |
चेन्नई | ₹818.50 | ₹1,965.50 |
लखनऊ | ₹840.50 | – |
एलपीजी गैस सस्ता कैसे हुआ?
सरकारी सब्सिडी का योगदान
सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत गरीब महिलाओं को राहत देने के लिए सब्सिडी बढ़ाकर ₹300 प्रति सिलेंडर कर दी है। यह सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। इससे उज्ज्वला योजना के तहत जुड़े परिवारों को घरेलू गैस सिलेंडर मात्र ₹603 में मिलता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव
पिछले कुछ महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और रुपये की मजबूती ने घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों को स्थिर बनाए रखने में मदद की है। हालांकि, व्यावसायिक सिलेंडरों पर मामूली वृद्धि देखी गई है।
एलपीजी कंपोजिट सिलेंडर: आधुनिक विकल्प
- वजन कम होने से इसे उठाना आसान है।
- इसमें गैस की मात्रा का पता लगाने के लिए पारदर्शी डिजाइन है।
- यह अधिक आकर्षक और टिकाऊ होता है।
कंपोजिट सिलेंडर की कीमतें
- 5 किलो: ₹2,150
- 10 किलो: ₹3,350
एलपीजी गैस रेट पर सरकार का दृष्टिकोण
सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस योजना ने ग्रामीण और गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन तक पहुंच प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, सब्सिडी बढ़ाने से इन परिवारों का औसत एलपीजी उपयोग भी बढ़ा है।
उज्ज्वला योजना का प्रभाव
- औसत उपयोग 3.01 रीफिल (2019-20) से बढ़कर 3.87 रीफिल (2023-24) हो गया।
- योजना से जुड़े उपभोक्ताओं को अब 12 रीफिल तक सब्सिडी मिलती है।
उपभोक्ताओं के लिए सुझाव
- नियमित रूप से अपने गैस कनेक्शन की जानकारी अपडेट करें।
- उज्ज्वला योजना का लाभ उठाने वाले उपभोक्ता समय पर रीफिल बुक करें।
- वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर विचार करें जैसे इंडक्शन कुकटॉप या सौर ऊर्जा।
निष्कर्ष
एलपीजी गैस सिलेंडर की नई दरें उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करती हैं, खासकर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को। हालांकि व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं को मामूली वृद्धि का सामना करना पड़ा है। सरकार द्वारा दी गई सब्सिडी और नई तकनीकों जैसे कंपोजिट सिलेंडर ने उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प प्रदान किए हैं।
Disclaimer: यह लेख मार्च 2025 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। समय के साथ कीमतें बदल सकती हैं। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्थानीय वितरकों से नवीनतम दरों की पुष्टि करें।