Old Pension Scheme News: क्या फिर से लागू होगी पुरानी पेंशन? जानें आज की ताजा खबर

पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर देशभर में चर्चा और मांगें जोर पकड़ रही हैं। यह योजना, जो 2004 से पहले लागू थी, सरकारी कर्मचारियों के लिए एक निश्चित लाभ वाली पेंशन प्रणाली प्रदान करती थी। इसके तहत, रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को उनकी अंतिम वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलता था। हालांकि, इसे नई पेंशन योजना (NPS) से बदल दिया गया, जिसके बाद कर्मचारी यूनियनों और राजनीतिक दलों ने इसकी बहाली की मांग शुरू कर दी।

हाल ही में हिमाचल प्रदेश सरकार ने OPS को पुनः लागू कर दिया है, जिससे अन्य राज्यों में भी इसे बहाल करने की मांग तेज हो गई है। इस लेख में हम OPS, इसकी विशेषताओं, वर्तमान स्थिति और UPS (Unified Pension Scheme) के साथ तुलना पर चर्चा करेंगे।

OPS का संक्षिप्त विवरण

लागू होने का समय1950 के दशक
पात्रतासरकारी कर्मचारी जिन्होंने कम से कम 10 साल सेवा दी हो
योगदानकर्मचारी से कोई योगदान नहीं लिया जाता था
रिटर्नअंतिम वेतन का 50% + महंगाई भत्ता
कर लाभआय कर के दायरे से बाहर
पारिवारिक पेंशनपरिवार को भी पेंशन का प्रावधान

पुरानी पेंशन योजना (OPS) क्या है?

पुरानी पेंशन योजना (OPS) एक defined-benefit pension scheme है जो सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • निश्चित पेंशन: रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी को उसकी अंतिम वेतन का 50% मिलता है।
  • महंगाई भत्ता (Dearness Relief): पेंशन राशि को हर छह महीने महंगाई भत्ते के आधार पर संशोधित किया जाता है।
  • सरकारी वित्त पोषण: इस योजना में कर्मचारियों से कोई योगदान नहीं लिया जाता था; पूरा खर्च सरकार उठाती थी।
  • सामाजिक सुरक्षा: परिवार पेंशन का प्रावधान भी था, जिससे कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनके परिवार को आर्थिक सहायता मिलती थी।

OPS बनाम NPS: मुख्य अंतर

विशेषताOPSNPS
योगदानकर्मचारी से कोई योगदान नहींकर्मचारी का 10% और नियोक्ता का 14%
रिटर्ननिश्चित (50% अंतिम वेतन)बाजार आधारित
पारदर्शिताअधिक पारदर्शीनिवेश पर निर्भर
कर लाभपूरी तरह कर-मुक्तआंशिक कर-मुक्त

OPS की बहाली पर ताजा घटनाक्रम

हिमाचल प्रदेश सरकार का कदम

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सरकार ने OPS को पुनः लागू किया है। राज्य सरकार ने 1.36 लाख कर्मचारियों को यह सुविधा दी है। हालांकि, NPS के तहत जमा धनराशि को वापस लेने और OPS में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अभी चल रही है।

अन्य राज्यों में मांग

  • राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों ने भी OPS बहाल करने की घोषणा की है।
  • दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार से OPS लागू करने की अपील की है।

UPS (Unified Pension Scheme) का आगमन

केंद्र सरकार ने UPS नामक नई योजना पेश की है जो OPS और NPS दोनों के कुछ पहलुओं को शामिल करती है। हालांकि, UPS में कर्मचारियों को अपने वेतन का 10% योगदान करना होगा, जिससे यह OPS जितनी आकर्षक नहीं लगती।

OPS बनाम UPS: तुलना

विशेषताOPSUPS
योगदानकोई योगदान नहींकर्मचारी का 10% और सरकार का 18.5%
रिटर्नअंतिम वेतन का 50%अंतिम 12 महीनों के औसत वेतन का 50%
महंगाई भत्ताहर छह महीने संशोधितसंशोधन जारी रहेगा

OPS पर विशेषज्ञों की राय

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि OPS सरकार पर वित्तीय बोझ डालती है क्योंकि इसमें कोई कर्मचारी योगदान नहीं होता। दूसरी ओर, NPS और UPS जैसे योजनाएं वित्तीय संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं लेकिन ये बाजार आधारित होने के कारण जोखिमपूर्ण होती हैं।

निष्कर्ष

पुरानी पेंशन योजना (OPS) एक निश्चित लाभ वाली प्रणाली थी जो कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती थी। हालांकि, इसे NPS द्वारा प्रतिस्थापित किया गया ताकि सरकारी खजाने पर दबाव कम हो सके। हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों द्वारा OPS की बहाली ने अन्य राज्यों और केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।

UPS एक नई पहल है जो OPS और NPS दोनों के पहलुओं को जोड़ती है लेकिन यह पूरी तरह से OPS जैसी सुविधा प्रदान नहीं करती।

Disclaimer: यह लेख पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली पर आधारित ताजा खबरों और जानकारियों का सारांश प्रस्तुत करता है। किसी भी निर्णय या राय बनाने से पहले आधिकारिक घोषणाओं और विशेषज्ञों की सलाह पर ध्यान दें।

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